Nikita की अधिकारी बनने की कहानी है काफी प्रेरक, कभी हालात हुआ करते थे ख़राब, किसी तरह उबर कर पाई सफलता

जो लोग अपने लक्ष्य को पाने के लिए मेहनत करते हैं, उन्हें कोई भी कठिनाई नहीं रोक सकती। बिहार की निकिता ने मेहनत करके सफलता हासिल की। निकिता की छोटी बहन ने उसकी मदद की और उसका साथ दिया। निकिता ने एपीओ की परीक्षा पास की और सफलता हासिल की। निकिता ने बीपीएससी की ओर से आयोजित परीक्षा की तैयारी की। उसने तैयारी में छह साल लगाए।

निकिता अपनी परिवार की मदद से सफल हुई। निकिता को समर्थन और सहायता मिली अपने छोटे भाई-बहनों से। उसकी छोटी बहन विभा ने उसकी पढ़ाई में मदद की। निकिता अपनी सफलता का श्रेय अपने परिवार को देती है। उसने इलाहाबाद में न्यायिक परीक्षा की तैयारी की। निकिता की सात बहनों में वह छठी नंबर पर है। उसकी शुरुआती पढ़ाई नरईपुर से हुई थी।

निकिता ने मुजफ्फरपुर के एसकेजे लॉ कॉलेज से बीए एलएलबी की पढ़ाई की। उसकी छोटी बहन ने उसका पूरा खर्च उठाया जब वह तैयारी कर रही थी। निकिता के पिता जी की मौत के बाद उसकी मां ने सात बच्चियों का पालन पोषण किया। निकिता ने अपने परिवार की संघर्ष और मेहनत को समर्थन दिया। निकिता अपने लक्ष्य को पाने के लिए निरंतर प्रयास करती रही। उसने अपनी मेहनत और उत्साह से सफलता हासिल की। निकिता की इस सफलता ने उसके परिवार को गर्वित किया। निकिता की कहानी हमें यह शिक्षा देती है कि मेहनत और साथीत्व हर मुश्किल को पार कर सकते हैं।