पढाई लिखाई छोड़कर काम करना पड़ा, हार नहीं मानी, DSP अधिकारी की कहानी आपको देगी प्रेरणा

पुलिस और प्रसाशनिक सेवा में जाने का सपना देखते हैं लाखों युवा। इस सपने को पूरा करने के लिए रातों की नींद गवाते हैं। जयप्रकाश अटल ने मेहनत के अलावा कुछ नहीं था। उनके पिता दिहाड़ी मजदूर और मां गृहणी थीं। 2011 में उनकी शादी हुई और शादी के बाद दो बच्चे हुए। पत्नी पुष्पा ने उन्हें प्रेरित किया। 2013 में RAS की परीक्षा दी, लेकिन सफलता नहीं मिली। 2016 में RAS का एग्जाम दिया और 23वीं रैंक साधा। अटल गांव के पहले ऐसे युवा थे जो इस मुकाम तक पहुंचे। वह गांव के सरकारी स्कूल में टॉपर रहे।

उन्होंने 11वीं में साइंस का चयन किया था। 12वीं के बाद नर्सिंग के लिए आवेदन किया, लेकिन फीस के पैसे नहीं थे। उनकी आगे की पढ़ाई बंद हो गई। लेकिन वह प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी जारी रखे। साल 2006 में उनका चयन लैब टेक्नीशियन के पद पर हुआ। उसके बाद उन्होंने कॉलेज में प्राइवेट दाखिला लिया। ग्रेजुएशन को पूरा किया। अटल ने परिश्रम से सपने को पूरा किया।

उनके परिवार ने उन्हें सहारा दिया। पत्नी ने उन्हें प्रेरित किया। उन्होंने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी की। उनकी सफलता का रास्ता कठिन था। उन्होंने मेहनत और संघर्ष से अपने सपनों को पूरा किया। उनका प्रेरणादायक कहानी है। अटल ने समाज में एक उदाहरण स्थापित किया। उन्होंने अपने लक्ष्य को पाने के लिए कभी हार नहीं मानी। उन्होंने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी न केवल अच्छी तरह से की बल्कि उन्होंने संघर्ष को भी सामना किया। उनकी कहानी से लाखों युवाओं को प्रेरणा मिलेगी। अटल ने अपने सपनों को पूरा करके समाज को साबित किया कि कठिनाइयों से लड़कर सफलता मिलती है।