खाली पड़े समय और आर्थिक संकट दोनों को बनाया ताकत, धीरे-धीरे निर्मला देवी ने बढाया अपना कारोबार

हाँ ये सच है की नौकरी से घर में समृद्धि आती है. लेकिन नौकरी आपको सब कुछ नहीं दे सकती. अगर आपको जीवन में सब कुछ पाना है तो आपको बिज़नस करना होगा. सिर्फ उद्यम ही एक ऐसा जरिया है की आप एक झटके में वो सबकुछ पा सकते है जो आप पाना चाहते है. ऐसी ही एक कहानी है उत्तर प्रदेश की निर्मला देवी का.

निर्मला देवी एक समय में बेरोजगार भी और घर की आर्थिक हालत भी अच्छी नहीं थी. फिर निर्मला देवी कई महिलाओं को मिला कर समूह चलाने लगी. शुरू में वो 12 महिलाओ के साथ शुरू किया था. उत्तर प्रदेश के अमेठी शहर के गौरीगंज तहसील में निर्मला देवी ने स्वय सहायता समूह की शुरुआत की है.

वे खुद से कई तरह के सामान बनाने का काम करती है. निर्मला देवी पर्स, हैंडबैग, टोकरी, दरी, कुर्सी, मेज, बॉक्स, रोटी के डब्बे और अन्य सामान तैयार करती हैं. जो आधुनिक मार्किट में काफी दामों में बिकता है. सभी महिलाये लगभग 5-5 रुपया प्रति महीने अर्जित कर रही है. अब ये महिलाये आत्मनिर्भर हो चुकी है.